बदनसीब हैं वह लोग जो मां बाप की कद्र नहीं करते : अना देहलवी

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देश की मशहूर शायरा से मुलाकात……. सोशल मीडिया से देश की एकता अखंडता और आपसी रिश्तो को नुकसान पहुंचा रहा है

बदनसीब हैं वह लोग जो मां बाप की कद्र नहीं करते : अना देहलवी

कलम हिन्दुस्तानी
शादाब जफर शादाब

नजीबाबाद। देश में बढ़ते सांप्रदायिक भेदभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए आंतरिक शायरा अना देहलवी ने कहा कि संप्रदायिक भेदभाव देश की तरक्की के लिए बेहद नुकसान की बात है। आपसी सौहार्द सदियों से हमारी संस्कृति रही है। भारत के लोगों ने संयुक्त रूप से संगठित होकर आजादी की लड़ाई लड़ी है, अपने जान माल की कुर्बानी दी ही देश आजाद हुआ।) अंग्रेजों ने तो हमें धर्म, जात के नाम पर काफी लड़ाने की कोशिश की लेकिन भारत के लोगों ने एकता का दामन मजबूती से पकड़े हुए जिनके दम पर देश आजाद हुआ। स्वतंत्रता दिवस से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए अना देहलवी ने कहा कि बड़े अभि की बात है कि हम आजाद भारत के निवासी हैं लेकिन मौजूदा हालात में जो हम लोग धर्म के नाम पर बटते दिखाई दे रहे हैं यह बेहद चिंता का विषय है।
अना देहलवी का कहना है कि नफरत से किसी का भला होने वाला नहीं और ना ही लड़ाई झगड़े से कभी किसी को कोई लाभ नहीं पहुंचता है। उन्होंने कहा कि अगर हम यूं ही आपस में लड़ते रहे तो हमारी स्वतंत्रता सेनानियों की आत्मा को निंदेशह कष्ट पहुंचाने लगे। अना देहलवी ने युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को आजादी विरासत में मिली है इस के लिए उन्हें इस बात का एहसास नहीं है कि कितना नुकसान व कुर्बानी के बाद हमारा देश आजाद को हुआ है। और आज हम अपने ही देश के साथ गैरों जैसा बर्ताव करते हैं! उन्होंने कहा कि हमें इतिहास पर भी नज़र डालनी चाहिए। सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे जहर पर चर्चा करते हुए अना देहलवी ने कहा कि जो लोग फेसबुक व्हाट्सएप पर जो नफ़रत भरी पोस्ट सेंड करते हैं क्या हम उन पोस्टों को फ़ॉरवर्ड करने से बचना चाहिए! जो लोग नफ़रत फैलाने का कार्य करते हैं वह देश के हमदर्द नहीं हो सकते। और सोशल मीडिया के माध्यम से हम अगर चाहे उस समाज में सुधार ला सकते हैं तो यह बहुत बड़ा मुश्किल काम है। पोस्ट पर रिपलाई करने से पुराने पेशेवरोंटो में खटास भी पढ़ने का है डर रहता है इसलिए ज्यादा बेहतर यही है कि नफ़रत फैलाने वाले लोगों से दूरी बनाकर रखी जाए।
अना देहलवी ने मां की ममता पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि बड़े बदनशील हैं वह लोग जो अपनी मां की कदर नहीं करते। माँ क्या होती है कोई रिश्ता नहीं है जिनके पास माँ नहीं है! उन्होंने कहा औलाद के अंदर चाहते लाख लाख हो, चाहे भले ही औलाद की वजह से मां को परेशानियां उठानी पड़ें लेकिन माँ कभी औलाद को बुरा नहीं कह सकती। माँ अपनी औलाद की बड़ी से बड़ी परेशानियों को चुटकियों में हल कर देती है जबकि बाकी रिश्तेदार मुसीबत की घड़ी में साथ छोड़ कर भाग जाते हैं! अना देहलवी ने खासतौर से उन लोगों को हिदायत देते हुए कहा जिनको मां बाप बौझ लेता है कि मां बाप से ज्यादा बेगरज राहत कोई दूसरा नहीं हो सकता।
अना देहलवी का कहना है की बदनसीब हैं वह लोग जो अपनी माँ-बाप को ओल्ड एज होम में रखते हैं। उन्होंने कहा कि गरीब मिडिल क्लास परिवारों ने मां-बाप की पूरी जिंदगी बच्चों की परवरिश और शादी के लिए पैसे जमा करने में निकल जाती है। वह अपने लिए कुछ सोच ही नहीं पाता और फिर माँ-बाप जब बढ़े हो जाते हैं तो यह नालायक बच्चे की माँ बाप को बहुत समझ लेते हैं! अना देहलवी ने यह भी कहां कि जो बच्चे अपने माता-पिता की इज्जत नहीं करते उन्हें याद रखना चाहिए कि वह दिन दूर नहीं कि वह भी खरीदे और जो उन्होंने अपने माता पिता को उसी की औलाद से उन्हें मिलेगा।

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